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दिल्ली दृष्टि

आपकी अंतिम भेंट, किसी की नई सुबह

नेत्रदान संकल्प

आज लिया गया एक संकल्प, एक दिन 4 से 6 लोगों को दृष्टि दे सकता है। यह दिल्ली दृष्टि अभियान का नेत्रदान संकल्प पत्र है, अब ऑनलाइन — इसे भरें, और आपको तुरंत आपका सम्मान पत्र मिल जाएगा।

2 लाख+
लोगों को कॉर्निया दान से दृष्टि मिल सकती है
4–6
लोगों को एक व्यक्ति के नेत्रदान से दृष्टि मिल सकती है

अपने परिवार को बताएँ

आपकी इच्छा को आपका परिवार ही पूरा करेगा, इसलिए उन्हें अपने संकल्प के बारे में ज़रूर बताएँ — और नीचे एक सम्बंधी का नाम लिखें।

नेत्रदान के बारे में पूरी जानकारी ↓

दिल्ली दृष्टि अभियान – नेत्रदान संकल्प पत्र

क्र.सं.: —क्रमांक और दिनांक जमा करने पर अपने-आप जुड़ जाएँगे।दिनांक: —

मैं यह घोषणा करता/करती हूँ कि मेरी मृत्यु के पश्चात मेरे नेत्र राष्ट्र हित में दान कर दिये जायें।

आपके बारे में
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संपर्क
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आपकी घोषणा

आपकी जानकारी

दिल्ली दृष्टि यह जानकारी आपके संकल्प को दर्ज करने, सम्मान पत्र देने और नेत्रदान के बारे में आपसे या आपके परिवार से संपर्क करने के लिए रखता है। इसे केवल दिल्ली दृष्टि की अधिकृत टीम देख सकती है; इसे कभी बेचा या प्रकाशित नहीं किया जाता। अपना संकल्प कभी भी सुधारने या वापस लेने के लिए 1800 111 090 पर कॉल करें या info@delhidrishti.com पर लिखें।

सभी जानकारी आवश्यक है, जब तक वैकल्पिक न लिखा हो।

नेत्रदान

आपकी अंतिम भेंट, किसी की नई सुबह

आज लिया गया एक निर्णय, आपके बाद किसी को दृष्टि दे सकता है।

  • संवेदनशील दिल्ली
  • स्वस्थ समाज
  • उज्ज्वल भविष्य
  • 2 लाख+लोगों को कॉर्निया दान से दृष्टि मिल सकती है

  • 4–6लोगों को एक व्यक्ति के नेत्रदान से दृष्टि मिल सकती है

  • हर उम्रउम्र, चश्मा या सामान्य बीमारियाँ नेत्रदान में बाधा नहीं हैं

नेत्रदान क्या है?

मृत्यु के बाद प्रशिक्षित चिकित्सा टीम नेत्र प्राप्त करती है। फिर उनका कॉर्निया — आँख के सामने की पारदर्शी परत — ऐसे व्यक्ति को लगाया जाता है, जिसकी दृष्टि ख़राब कॉर्निया के कारण चली गई है।

नेत्रदान क्यों करें?

  • एक व्यक्ति के नेत्रदान से 4 से 6 लोगों को दृष्टि मिल सकती है।
  • यह एक सरल, सुरक्षित और महान मानवीय योगदान है।
  • नेत्रदान से दृष्टिबाधित के जीवन में प्रकाश, आत्मनिर्भरता और नई उम्मीद का संचार होता है।

नेत्रदान की प्रक्रिया संकल्प से सेवा तक

  1. जीवनकाल में नेत्रदान का संकल्प लें।
  2. अपने परिवार को अपनी इच्छा बताएँ।
  3. मृत्यु के तुरंत बाद परिवार सूचना दे।
  4. चिकित्सा टीम संपर्क कर नेत्र प्राप्त करेगी।
  5. कॉर्निया जाँच के बाद आवश्यक लोगों में प्रत्यारोपित किया जाता है।

मृत्यु के बाद परिवार क्या करें?

“मरने के बाद भी जीवन में उजाला देता है नेत्रदान”

  1. आँखें बंद करें और सिर को हल्का ऊँचा रखें।
  2. यदि ए.सी. है, तो उसे चालू रखें।
  3. पंखा बंद कर दीजिए।
  4. आँखों पर दबाव न डालें।
  5. गीले कपड़े/रुई से ढकें, जिससे आँखों की नमी बनी रहे।
  6. जितनी जल्दी हो सके फ़ोन पर सूचना दें, जिससे 4 से 6 घंटे में नेत्र प्राप्त हो सकें।

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